
ऊना। चुनाव रिहर्सल से गैरहाजिर रहना जिले के 58 अधिकारियों और कर्मचारियों को महंगा पड़ गया। जिला निर्वाचन कार्यालय ने ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं निभाई और न ही इलेक्शन के लिए आयोजित रिहर्सल प्रक्रिया में हिस्सा लिया। सभी कर्मचारियों से जवाब तलब किया गया है। डीसी ऊना अभिषेक जैन ने कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि रिहर्सल के दौरान कर्मचारियों को ईवीएम, वोटिंग प्रक्रिया, वोट कास्ट करवाने की प्रक्रिया समेत अन्य सावधानियों और बारीकियों से अवगत कराया जाता है। रिहर्सल इसलिए करवाई जाती है कि मतदान के दौरान और मतों की गिनती के दौरान कोई गलती न हो। छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है। किसी तरह की कोई कमी पेशी न रहे, इसलिए इतना तामझाम होता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए यह सब आयोजित होता है, इसी से यदि कोई बंक मारे तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इन कर्मचारियों ने रिहर्सल में भी हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि यदि इन कर्मचारियों के जवाब सही नहीं पाए गए तो इनके खिलाफ निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
2800 कर्मचारी देंगे ड्यूटी
उपायुक्त अभिषेक जैन ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में जिले में 2800 के लगभग कर्मचारी ड्यूटी देंगे। इनमें कुछ सेंटर सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारी भी शामिल हैं।
ड्यूटी रद कराने को 100 आवेदन
उपायुक्त ने बताया कि चुनाव ड्यूटी रद्द करवाने को 100 से अधिक कर्मचारियों ने आवेदन किए हैं। इनमें कुछ अपंग हैं तथा कुछ ने बीमारी, आपरेशन या अन्य मेडिकल कारणों को वजह बताया है। तीन-चार ऐसे भी हैं, जिन कर्मचारियों की उसी दिन शादी है। उपायुक्त ने कहा कि ठोस कारण पाए जाने पर ही आवेदन स्वीकृत होंगे।
तहसीलदार निर्वाचन वीना कुमारी ने बताया कि कारण बताओ नोटिस का 18 अप्रैल तक जवाब मांगा गया है।
